
नमो ड्रोन दीदी योजना क्या है? 🌾
भारत सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की है। यह केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके लिए सरकार ने 1,261 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY-NRLM) के तहत रजिस्टर्ड महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को आधुनिक ड्रोन तकनीक से जोड़ना है। इसके जरिए ग्रामीण महिलाएं खेतों में नैनो यूरिया, लिक्विड फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का सुरक्षित और सटीक छिड़काव करने की व्यावसायिक सर्विस (Rental Services) शुरू कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य देश के विभिन्न राज्यों से चुनिंदा 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को इस तकनीक से लैस करना है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी और पैकेज 💰
यह योजना केवल ड्रोन खरीदने की छूट तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार महिलाओं को एक पूरा बिजनेस सेटअप तैयार करके दे रही है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले वित्तीय लाभ और पैकेजेस की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
- 80% की बंपर सब्सिडी: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ड्रोन और उसके जरूरी उपकरणों (Accessories) की कुल खरीद पर 80 परसेंट तक की बड़ी सब्सिडी दी जाती है। यह वित्तीय सहायता अधिकतम 8 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है।
- एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) से लोन: ड्रोन खरीदने के लिए बाकी बची 20 परसेंट की रकम को जुटाने के लिए समूह को नेशनल एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग फैसिलिटी (AIF) के जरिए बहुत आसानी से लोन मिल जाता. है।
- 3% ब्याज छूट (Interest Subvention): इस लोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर सरकार की तरफ से 3 परसेंट की ब्याज छूट मिलती है, जिससे मासिक किस्त (EMI) का बोझ बेहद कम हो जाता है।
- कम्पलीट ड्रोन किट पैकेज: सब्सिडी के तहत मिलने वाले पैकेज में सिर्फ एक ड्रोन नहीं, बल्कि पूरा सेटअप शामिल होता है। इसमें एक स्प्रे असेंबली वाला बेसिक ड्रोन, 4 एक्स्ट्रा स्पेयर बैटरी सेट (ताकि बिना रुके काम हो सके), एक डुअल-चैनल फास्ट बैटरी चार्जर, चार्जिंग हब, ड्रोन ले जाने वाला बॉक्स, हवा की गति मापने के लिए एनीमोमीटर, डाउनवर्ड-फेसिंग कैमरा, नोजल सेट, स्पेयर प्रोपेलर और एक पीएच (pH) मीटर शामिल है। इसके साथ ही 1 साल की वारंटी और 2 साल का मुफ्त मेंटेनेंस (Annual Maintenance) भी मिलता है।
- सालाना फिक्स कमाई: आधुनिक ड्रोन से एक दिन में आसानी से 20 एकड़ तक के खेत में छिड़काव किया जा सकता है। इस सर्विस से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्रति वर्ष कम से कम 1 लाख रुपये की शुद्ध अतिरिक्त आय आसानी से कमा सकती हैं।
योजना के लिए तय पात्रता और कड़े नियम 👩🌾
नमो ड्रोन दीदी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने वाली महिला और उसके समूह को सरकार द्वारा तय की गई निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- रजिस्टर्ड SHG होना जरूरी: आवेदन करने वाला महिला स्वयं सहायता समूह अनिवार्य रूप से दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत एक्टिव और रजिस्टर्ड होना चाहिए।
- आर्थिक अनुशासन: उस स्वयं सहायता समूह का बैंक रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए, बैठकें नियमित होती हों और पैसों का लेनदेन पारदर्शी हो। कृषि कार्यों से जुड़े समूहों को इसमें पहली प्राथमिकता दी जाती है।
- आयु सीमा: ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग के लिए समूह द्वारा चुनी गई महिला सदस्य की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: चूंकि ड्रोन एक आधुनिक और तकनीकी उपकरण है, इसलिए ड्रोन उड़ाने वाली मुख्य महिला (ड्रोन दीदी) का कम से कम 10वीं कक्षा पास होना बहुत जरूरी है ताकि वह अंग्रेजी और तकनीकी निर्देशों को समझ सके।
- ड्रोन असिस्टेंट का नियम: योजना के नियम के अनुसार, प्रत्येक समूह से दो लोगों का चयन होता है। एक महिला मुख्य ड्रोन पायलट बनती है और दूसरे सदस्य (या उसके परिवार के किसी सदस्य) को ड्रोन असिस्टेंट/मैकेनिक के रूप में चुना जाता है, जिसका झुकाव बिजली के काम या मैकेनिकल रिपेयरिंग की तरफ हो।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Checklist) 📋
यदि आपका समूह इस योजना के लिए आवेदन करना चाहता है, तो निम्नलिखित ओरिजिनल दस्तावेजों को स्कैन करके या फाइल बनाकर पहले से तैयार रखें:
- स्वयं सहायता समूह (SHG) का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- समूह के बैंक खाते की अपडेटेड पासबुक (पिछले 6 महीने का रिकॉर्ड)
- ड्रोन पायलट बनने वाली महिला का आधार कार्ड और पैन कार्ड
- महिला की 10वीं कक्षा की मार्कशीट या बोर्ड सर्टिफिकेट
- आवेदक महिला का एक्टिव मोबाइल नंबर और बैंक खाता (जो आधार से लिंक हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट (ट्रेनिंग पर जाने के लिए जरूरी)
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत मुफ्त पायलट ट्रेनिंग 🛩️
चयनित महिला सदस्यों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार बिल्कुल मुफ्त प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिलवाती है। यह ट्रेनिंग पूरी तरह से ऑन-फील्ड और प्रैक्टिकल होती है:
- 15 दिनों की विशेष ट्रेनिंग: ड्रोन निर्माता कंपनियों और रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) के माध्यम से चुनी गई महिलाओं को 15 दिनों की ट्रेनिंग दी जाती है।
- 5 दिन की पायलट ट्रेनिंग: शुरुआती 5 दिनों में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के तहत अनिवार्य ड्रोन पायलट ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें ड्रोन को सुरक्षित उड़ाना, टेक-ऑफ और लैंडिंग सिखाया जाता है।
- 10 दिन की एग्रीकल्चर ट्रेनिंग: बाकी के 10 दिनों में विशेष रूप से खेती से जुड़ी ट्रेनिंग होती है। इसमें खेतों का जीपीएस (GPS) सर्वे करना, फसलों की सेहत देखना, पोषक तत्व और कीटनाशकों की सही मात्रा तय करना और हवा के रुख को देखकर सटीक छिड़काव करना सिखाया जाता है।
आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step Application Process) 📲
नमो ड्रोन दीदी योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने ऑनलाइन और offline दोनों तरह के प्रामाणिक विकल्प दिए हैं। आप नीचे दी गई प्रक्रिया के अनुसार अपना आवेदन आगे बढ़ा सकते हैं:
स्टेप 1: स्वयं सहायता समूह (SHG) में प्रस्ताव पास करें
चूंकि यह योजना किसी एक अकेली महिला के लिए नहीं है, इसलिए सबसे पहले अपने स्वयं सहायता समूह की बैठक बुलाएं। बैठक में ड्रोन दीदी योजना पर सहमति बनाएं और समूह की तरफ से एक योग्य महिला का नाम ‘ड्रोन पायलट’ और दूसरी का नाम ‘असिस्टेंट’ के लिए तय करके प्रस्ताव रजिस्टर में दर्ज करें।
स्टेप 2: क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को भेजें
समूह द्वारा पास किया गया यह प्रस्ताव आपके ग्राम संगठन (VO) से होते हुए क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के पास जाता है। सीएलएफ (CLF) आपके इलाके में ड्रोन की मांग और खेतों के रकबे को देखते हुए जिला स्तरीय समिति को अपनी सिफारिश भेजता है।
स्टेप 3: आधिकारिक ड्रोन पोर्टल या ब्लॉक ऑफिस में संपर्क
योजना के आधिकारिक सरकारी पोर्टल namodronedidi.da.gov.in पर जाकर लॉगिन किया जा सकता है। इसके अलावा सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप अपने क्षेत्र के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के जिला कार्यालय में जाकर वहां के अधिकारियों से मिलें। वहां आपको योजना का निर्धारित फॉर्म मिलेगा, जिसे भरकर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी इसकी पात्रता की जांच करवा सकते हैं।
⚠️ ऑनलाइन फ्रॉड से सावधान रहें: नमो ड्रोन दीदी योजना के नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें इंटरनेट पर चल रही हैं, जो तुरंत ड्रोन पास कराने के नाम पर 1000 से 5000 रुपये तक की फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगती हैं। ध्यान रखें कि सरकार आवेदन के लिए कोई भी भारी फीस ऑनलाइन नहीं लेती। हमेशा केवल सरकारी वेबसाइट (जिसके अंत में .gov.in हो) या सीधे सरकारी दफ्तर पर ही भरोसा करें। किसी को भी अपने बैंक खाते का ओटीपी (OTP) शेयर न करें।
नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़े जरूरी सवाल-जवाब (FAQ) ❓✍️
इस योजना को बेहतर तरीके से समझने के लिए किसान भाई और महिला स्वयं सहायता समूह इन मुख्य सवालों और उनके जवाबों को ध्यान से पढ़ सकते हैं:
सवाल 1: क्या कोई भी अकेली महिला इस योजना के तहत मुफ्त ड्रोन के लिए आवेदन कर सकती है?
जवाब: नहीं। यह योजना किसी एक अकेली (Individual) महिला के लिए नहीं है। इसका लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जो दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY-NRLM) के तहत रजिस्टर्ड किसी एक्टिव महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य हैं।
सवाल 2: ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग के लिए महिला का कितना पढ़ा-लिखा होना जरूरी है?
जवाब: ड्रोन एक आधुनिक और तकनीकी उपकरण है। इसे सुरक्षित तरीके से उड़ाने, मोबाइल ऐप चलाने और तकनीकी निर्देशों को समझने के लिए आवेदन करने वाली महिला का कम से कम 10वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है।
सवाल 3: ड्रोन खरीदने के लिए मिलने वाली 80% सब्सिडी के बाद बाकी 20% पैसों का इंतजाम कैसे होगा?
जवाब: बाकी बची 20 परसेंट की रकम के लिए महिलाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार इसके लिए नेशनल एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग फैसिलिटी (AIF) के जरिए बहुत आसानी से बैंक लोन दिलाती है। इस लोन पर सरकार की तरफ से 3% की ब्याज छूट भी मिलती है।
सवाल 4: क्या ड्रोन दीदी बनने के लिए ट्रेनिंग की कोई फीस देनी पड़ती है?
जवाब: नहीं, चयनित महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की 15 दिनों की ट्रेनिंग बिल्कुल मुफ्त दी जाती. है। इस ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं के रहने, खाने-पीने और आने-जाने का पूरा खर्च भी सरकार या संबंधित ड्रोन कंपनी द्वारा ही उठाया जाता है।
सवाल 5: ड्रोन की मदद से महिला समूह हर महीने या साल में कितना कमा सकते हैं?
जवाब: आधुनिक ड्रोन से एक दिन में करीब 20 एकड़ खेत में आराम से छिड़काव किया जा सकता है। आसपास के गांवों के किसानों को कीटनाशक और नैनो यूरिया छिड़काव की सर्विस (Rental Service) देकर महिला समूह हर साल कम से कम 1 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई आसानी से कर सकता है।
सवाल 6: अगर ड्रोन में कोई खराबी आ जाए या वह टूट जाए, तो सुधारने का खर्च कौन उठाएगा?
जवाब: सरकार द्वारा मिलने वाले ड्रोन पैकेज के साथ 1 साल की वारंटी और 2 साल का मुफ्त मेंटेनेंस (Annual Maintenance) मिलता है। साथ ही, योजना के तहत समूह के एक सदस्य को ड्रोन असिस्टेंट/मैकेनिक की ट्रेनिंग भी दी जाती है, जो छोटी-मोटी दिक्कतों को तुरंत ठीक कर सके।
Writer: – Advance Farming Technics 🌱🐛🐞Website: advancefarmingtechnics.com/Contact: advancefarmingtechnics@gmail.com
[Merged Content From: नमो ड्रोन दीदी योजना 2026: Namo Drone Didi Scheme Eligibility & Benefits 🌱]
नमो ड्रोन दीदी योजना: महिलाएं अब उड़ाएंगी ड्रोन और खेती से कमाएंगी लाखों 🌱
भारत की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत ही शानदार पहल शुरू की है। इसका नाम है नमो ड्रोन दीदी योजना (Namo Drone Didi Scheme)। इस योजना के तहत गांवों की महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। अब खेत में खाद डालना हो या कीटनाशकों का छिड़काव, महिलाएं ड्रोन की मदद से इसे मिनटों में पूरा कर सकेंगी। यह न केवल तकनीक का विस्तार है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आय को बढ़ाने का एक बड़ा जरिया भी है। 🚁
2026 में खेती अब केवल हल और बैल तक सीमित नहीं रही। आधुनिक तकनीक और महिलाओं की भागीदारी मिलकर खेती को एक नया मोड़ दे रही है। 🐛
योजना के मुख्य लाभ और सुविधाएं 📝
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत सरकार महिलाओं को कई तरह की मदद प्रदान कर रही है:
- मुफ्त ट्रेनिंग: चयनित महिलाओं को 15 दिनों की प्रोफेशनल ड्रोन पायलट ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें ड्रोन उड़ाना, उसकी मरम्मत करना और डेटा का हिसाब रखना सिखाया जाता है।
- ड्रोन के लिए भारी सब्सिडी: स्वयं सहायता समूहों (SHG) को ड्रोन खरीदने के लिए 80% तक की सब्सिडी मिलती है। यानी 10 लाख का ड्रोन केवल 2 लाख रुपये में मिल सकता है। 💰
- कमाई का मौका: ट्रेनिंग के बाद महिलाएं अन्य किसानों के खेतों में छिड़काव करके अच्छी फीस ले सकती हैं। इससे हर महीने 15,000 से 20,000 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई आसानी से हो सकती है।
ड्रोन के इस्तेमाल से खेती में क्या फायदे हैं? 🚜
खेती में ड्रोन का इस्तेमाल करना समय और स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छा है:
- समय की बचत: जिस काम को करने में मजदूरों को पूरा दिन लगता था, ड्रोन उसे केवल 15 से 20 मिनट में कर देता है।
- स्वास्थ्य की सुरक्षा: हाथों से कीटनाशक छिड़कते समय रसायनों का असर किसान की सेहत पर पड़ता है। ड्रोन के इस्तेमाल से किसान इस खतरे से बच जाते हैं। 🐞
- समान छिड़काव: ड्रोन सेंसर की मदद से खेत के हर हिस्से में बराबर मात्रा में दवा पहुंचाता है, जिससे फसल की पैदावार अच्छी होती है।
योजना के लिए पात्रता और आवेदन कैसे करें? 📲
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:
- महिला की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए।
- वह किसी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) की सदस्य होनी चाहिए।
- आवेदक का भारतीय निवासी होना अनिवार्य है।
आवेदन के लिए आप अपने पास के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या ब्लॉक ऑफिस में संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है। ट्रेनिंग के दौरान रहने और खाने का खर्च भी सरकार ही उठाती है। 🌾
नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है। यह गांव की बेटियों और बहुओं को तकनीक के साथ जोड़कर उन्हें असली ‘ड्रोन पायलट’ बना रही है। 🐛
Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞
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✍️ About the Author: Dhiraj Bhisekar
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