हिमाचल बजट 2026: किसानों और पशुपालकों के लिए सौगातों की बौछार, दूध और मछली पर MSP का बड़ा ऐलान 🍎🐄
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश कर दिया है। 54,928 करोड़ रुपये के इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। सरकार ने “व्यवस्था परिवर्तन” के अपने संकल्प को दोहराते हुए कृषि, बागवानी और पशुपालन क्षेत्र के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं।
दूध की कीमतों में भारी उछाल: पशुपालकों की चांदी 🥛💰
पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने दूध के खरीद मूल्य (Procurement Price) में बड़ी बढ़ोतरी की है।
दूध के नए दाम:
- गाय का दूध: अब 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा। 🐄
- भैंस का दूध: 61 रुपये से बढ़ाकर अब 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा।
- डीबीटी (DBT) में वृद्धि: दूध पर मिलने वाली सब्सिडी को 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
प्राकृतिक खेती और फसलों पर भारी MSP 🌾✨
सरकार ने राजीव गांधी प्राकृतिक योजना के तहत प्राकृतिक विधि से उगाई गई फसलों के समर्थन मूल्य (MSP) में जबरदस्त वृद्धि की है। हिमाचल अब देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ अदरक पर भी MSP दिया जाएगा।
फसलों के नए रेट (प्रति किलो):
- गेहूं: 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये।
- मक्की: 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये।
- हल्दी: 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये।
- अदरक: पहली बार 30 रुपये प्रति किलो MSP की घोषणा। 🫚
मछली पालन और अन्य क्षेत्रों के लिए बड़े कदम 🐟🏗️
मुख्यमंत्री ने जलाशयों की मछली के लिए भी सुरक्षा कवच तैयार किया है।
मछली पालन और एक्वा पार्क:
- मछली पर MSP: जलाशयों की मछली पर 100 रुपये प्रति किलो MSP तय किया गया है। 🎣
- अनुदान: यदि बिक्री कम पर होती है, तो सरकार अधिकतम 20 रुपये का अनुदान DBT के जरिए देगी।
- एक्वा पार्क: हमीरपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक ‘एक्वा पार्क’ बनाया जाएगा।
बागवानी और सुरक्षा के लिए नई योजनाएं 🍎🚜
हिमाचल की पहचान बागवानी से है, जिसे और आधुनिक बनाने के लिए बजट में खास प्रावधान किए गए हैं।
प्रमुख घोषणाएं:
- शिवा प्रोजेक्ट: बागवानी क्षेत्र में ‘शिवा प्रोजेक्ट’ के लिए 325 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- खेती बाड़बंदी योजना: बंदरों और आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए ‘मुख्यमंत्री खेती बाड़बंदी योजना’ को 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 🏗️
- ऊधोग आयोग: किसानों और बागवानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश में ‘किसानी बागवानी आयोग’ स्थापित होगा।
गद्दी समुदाय के लिए ‘पहल योजना’ 🐏⛺
भेड़-बकरी पालकों और गद्दी समुदाय के लिए 300 करोड़ की लागत से ‘पहल योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत उन्हें डिजिटल कार्ड दिए जाएंगे ताकि सरकारी लाभ सीधे उन तक पहुँच सके। साथ ही ऊन के लिए 100 रुपये प्रति किलो सपोर्ट प्राइज भी तय किया गया है।
हिमाचल का यह बजट स्पष्ट रूप से किसानों और ग्रामीण इलाकों को समर्पित है। बढ़े हुए दाम और नई सुविधाएं निश्चित रूप से पहाड़ी खेती की तस्वीर बदलेंगी। 🌱💪
✍️ About the Author: Dhiraj Bhisekar
🛡️ Editorial Review Process: This article has been reviewed by the Advance Farming Technics editorial team for accuracy. Prices and government policies are subject to change. Always consult local agricultural officers for final confirmation.






