थायोमेथोक्सम (Thiamethoxam) एक आधुनिक कीटनाशक है। यह किसानों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यह पौधों को रस चूसने वाले कीटों से बचाता है। यहाँ इसके काम करने के तरीके और उपयोग की पूरी जानकारी दी गई है।
थायोमेथोक्सम क्या है? 🧪
यह ‘नियोनिकोटीनोइड’ (Neonicotinoid) समूह का कीटनाशक है। यह दूसरे पुराने कीटनाशकों से अलग तरीके से काम करता है। यह पानी में जल्दी घुल जाता है। इसलिए पौधे इसे बहुत आसानी से सोख लेते हैं। यह सिस्टेमिक (Systemic) कीटनाशक है। इसका मतलब है कि यह पौधे के हर हिस्से में फैल जाता है।
यह कैसे काम करता है? 🛡️
थायोमेथोक्सम कीटों के नर्वस सिस्टम (Nervous System) पर हमला करता है। जब कीट पौधे का रस पीता है, तो यह उसके शरीर में चला जाता है।
- यह कीटों के संदेश भेजने वाले तंत्र को खराब कर देता है।
- कीट खाना पीना बंद कर देते हैं।
- कुछ ही समय में कीट को लकवा मार जाता है।
- अंत में कीट मर जाता है।
यह कीटनाशक ‘ट्रांसलेमिनर’ असर भी दिखाता है। अगर आप इसे पत्ती के ऊपर छिड़केंगे, तो यह पत्ती के निचले हिस्से तक पहुँच जाएगा। इससे नीचे छिपे कीट भी मर जाते हैं।
थायोमेथोक्सम के मुख्य प्रकार 📦
बाजार में यह मुख्य रूप से दो रूपों में मिलता है:
1. 25% WG (Water Dispersible Granules)
यह दानेदार रूप में आता है। यह पानी में डालते ही घुल जाता है। इसका उपयोग ज्यादातर स्प्रे के लिए होता है। इसे ‘एक्टारा’ के नाम से भी जाना जाता है।
2. 30% FS (Flowable Concentrate)
यह गाढ़े तरल रूप में होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बीज उपचार (Seed Treatment) के लिए करते हैं। यह बीजों पर एक सुरक्षा कवच बना देता है।
3. 75% SG (Soluble Granules)
यह बहुत ताकतवर होता है। इसका उपयोग मिट्टी में डालने या ड्रिप सिंचाई में किया जाता है।
इसके उपयोग के तरीके 🚜
आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसे तीन तरीकों से उपयोग कर सकते हैं:
बीज उपचार (Seed Treatment) 🌾
बुवाई से पहले बीजों को थायोमेथोक्सम 30% FS से उपचारित करें। इससे फसल शुरुआती 30 से 40 दिनों तक कीटों से बची रहती है। यह मिट्टी के अंदर मौजूद कीड़ों से भी बचाता है।
पर्ण छिड़काव (Foliar Spray) 💦
जब खड़ी फसल में कीटों का हमला हो, तो 25% WG का स्प्रे करें। 15 लीटर पानी के पंप में 5 से 8 ग्राम दवा मिलाएं। यह सफेद मक्खी, एफिड्स और जैसिड्स को तुरंत खत्म करता है।
मिट्टी में प्रयोग (Soil Application) 🌱
इसे खाद के साथ मिलाकर या ड्रिप से भी दे सकते हैं। यह जड़ों को मजबूती देता है और मिट्टी के कीटों को खत्म करता है।
किन कीटों पर असरदार है? 🐛
थायोमेथोक्सम इन कीटों पर बहुत अच्छा काम करता है:
- सफेद मक्खी (Whitefly)
- तेला और चेपा (Aphids & Jassids)
- थ्रिप्स (Thrips)
- मिट्टी की दीमक (Termite)
- तना छेदक (Stem Borer)
उपयोग में सावधानियां ⚠️
- इसे हमेशा दोपहर के बाद या सुबह जल्दी स्प्रे करें।
- दवा छिड़कते समय मुंह पर मास्क और हाथों में दस्ताने पहनें।
- जब फसल में फूल आ रहे हों, तब इसका प्रयोग कम करें क्योंकि यह मधुमक्खियों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
- खाली डब्बों को जमीन में गहरा दबा दें।
Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞
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✍️ About the Author: Dhiraj Bhisekar
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