घर पर बनाएं शक्तिशाली माइक्रोन्यूट्रिएंट: वेस्ट डीकंपोजर के साथ जादुई घोल 🌱💎
किसान भाइयों, बाजार में मिलने वाले सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) बहुत महंगे होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप वेस्ट डीकंपोजर की मदद से घर पर ही सबसे ताकतवर पोषक तत्व तैयार कर सकते हैं? इसमें लोहा, जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे सभी जरूरी तत्व मौजूद होते हैं। इसे ‘पत्थरों और दालों का अर्क’ भी कहा जाता है।
माइक्रोन्यूट्रिएंट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 📦
यह घोल बनाने के लिए हमें ऐसी चीजों की जरूरत है जिनमें प्राकृतिक रूप से खनिज और प्रोटीन होते हैं:
- वेस्ट डीकंपोजर का तैयार घोल: 20 लीटर।
- पीली या काली दालों का पाउडर: 1 किलो (मूंग, उड़द या चना)।
- तिलहन का पाउडर: 1 किलो (सरसों, तिल या मूंगफली)।
- लोहे का टुकड़ा: कुछ पुरानी कीलें या लोहे का कोई टुकड़ा।
- तांबे का टुकड़ा: तांबे का तार या छोटा बर्तन।
- रंगीन पत्थर: 2-3 किलो (नदी के किनारे मिलने वाले अलग-अलग रंग के पत्थर)।
- जिंक (जस्ता): पुरानी बैटरी का खोल या जस्ते का टुकड़ा।
तैयार करने की पूरी विधि 🛠️
1. मिश्रण तैयार करना
एक छोटे प्लास्टिक के ड्रम में 20 लीटर वेस्ट डीकंपोजर का घोल लें। इसमें दालों का पाउडर और तिलहन का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। ये दालें और तिलहन पौधों को नाइट्रोजन और प्रोटीन प्रदान करेंगे।
2. खनिज तत्व मिलाना
अब इस घोल में लोहे, तांबे और जस्ते के टुकड़े डाल दें। इसके बाद वे रंगीन पत्थर भी डाल दें। पत्थरों में बहुत सारे सूक्ष्म तत्व छिपे होते हैं, जिन्हें वेस्ट डीकंपोजर खींचकर बाहर निकाल लेता है।
3. घोल का पकना
इस ड्रम को छाया में रखें और 10 से 15 दिनों तक रोज सुबह-शाम डंडे से हिलाएं। धीरे-धीरे इन चीजों का सारा अर्क वेस्ट डीकंपोजर के घोल में मिल जाएगा। 15 दिन बाद आपका ‘सुपर माइक्रोन्यूट्रिएंट’ तैयार है।
इस्तेमाल करने का तरीका 🚜
- स्प्रे के लिए: 15 लीटर के स्प्रे पंप में 1 लीटर तैयार माइक्रोन्यूट्रिएंट और 14 लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करें।
- मिट्टी के लिए: इसे सिंचाई के पानी के साथ या ड्रिप सिंचाई के माध्यम से सीधे जड़ों में दें।
इस घोल के अद्भुत फायदे ✨
- पत्तियों में चमक: इसके छिड़काव से पत्तियों का पीलापन दूर होता है और वे गहरे हरे रंग की हो जाती हैं।
- ज्यादा फूल और फल: यह पौधों को वह ताकत देता है जिससे फूल झड़ना बंद हो जाते हैं और फल बड़े व वजनदार बनते हैं।
- रोगों से लड़ने की शक्ति: सभी पोषक तत्व मिलने से पौधे की इम्युनिटी बढ़ जाती है और बीमारियां कम लगती हैं।
- भारी बचत: हजारों रुपये के बाजारू टॉनिक का खर्चा बिल्कुल खत्म हो जाता है।
जरूरी सावधानियां ⚠️
- पत्थरों और धातुओं के टुकड़ों को आप दोबारा घोल बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
- घोल को हमेशा छानकर ही स्प्रे पंप में डालें।
- इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें।
घर पर बना यह माइक्रोन्यूट्रिएंट आपकी फसल का कायाकल्प कर देगा। यह पूरी तरह शुद्ध और जहर मुक्त है। इसे आजमाएं और अपनी खेती को समृद्ध बनाएं।
Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞
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