ओडिशा बजट 2026: किसानों के लिए खुशियों की सौगात 🌱
ओडिशा सरकार ने साल 2026 के बजट में किसानों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने कुल 3.10 लाख करोड़ रुपये का भारी बजट पेश किया। इसमें खेती और किसानों के कल्याण पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र के लिए कुल 42,492 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह राज्य के इतिहास में खेती के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को मुनाफे का सौदा बनाना है।
समृद्ध कृषक योजना: 6088 करोड़ रुपये का प्रावधान 💰
इस बजट की सबसे बड़ी घोषणा समृद्ध कृषक योजना है। सरकार ने इस नई योजना के लिए 6,088 करोड़ रुपये तय किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य धान उगाने वाले किसानों को सही दाम दिलाना है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। राज्य सरकार ने वादा किया है कि धान की खरीद अब 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से होगी। यह केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी अधिक है।
धान बेचने की प्रक्रिया को भी बहुत आसान बनाया गया है। अब मंडियों में बिचौलियों का डर नहीं रहेगा। किसानों का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। धान बेचने के मात्र 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये का एक अलग फंड भी बनाया है। इससे भुगतान में कभी देरी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री किसान योजना और अन्य बड़ी मदद 🚜
छोटे और भूमिहीन किसानों के लिए भी बजट में खास इंतजाम हैं। मुख्यमंत्री किसान योजना के लिए 2,030 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह योजना उन किसानों की मदद करेगी जिनके पास खुद की जमीन कम है या जो दूसरों के खेतों में काम करते हैं। इसके साथ ही कृषि यंत्रों और नई मशीनों के इस्तेमाल के लिए 841 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। मशीनों के उपयोग से खेती की लागत कम होगी और समय की बचत होगी।
मोटे अनाज यानी मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा श्री अन्न अभियान को 400 करोड़ रुपये मिले हैं। राज्य में बागवानी और फल-फूल की खेती के लिए भी 525 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सरकार चाहती है कि किसान केवल धान पर निर्भर न रहें और दूसरी फसलें भी उगाएं।
कृषि शिक्षा और बुनियादी ढांचा 🏫
खेती की पढ़ाई और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नए कॉलेज खोले जाएंगे। मयूरभंज जिले में एक नया कृषि महाविद्यालय शुरू होगा। वहीं सोनपुर में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इससे ग्रामीण युवाओं को खेती और मछली पालन के नए तरीके सीखने को मिलेंगे। डेयरी विकास और पशुपालन के लिए भी 1,327 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।
सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़े निवेश किए हैं। खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए नहरों और चेक डैम का जाल बिछाया जाएगा। इससे सूखे की मार झेलने वाले इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। मिट्टी की जांच के लिए नई प्रयोगशालाएं भी बनाई जाएंगी ताकि किसान सही खाद का चुनाव कर सकें।
बाजार और तकनीकी सुधार 🐛
मंडियों को हाई-टेक बनाया जा रहा है। अब मंडियों में डिजिटल वजन मशीनें लगेंगी। इससे वजन में होने वाली हेराफेरी पूरी तरह बंद हो जाएगी। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। ई-नाम पोर्टल के जरिए किसान अपनी फसल ऑनलाइन भी बेच सकेंगे।
सरकार का मानना है कि जब किसान समृद्ध होगा तभी राज्य तरक्की करेगा। इस बजट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। उन्नत खेती के तरीकों को अपनाकर ओडिशा के किसान अब देश के बाकी राज्यों के लिए उदाहरण बनेंगे।






