कपास में गुलाबी सुंडी का इलाज कैसे करें? सही दवा, पहचान और नियंत्रण उपाय
कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) सबसे खतरनाक कीटों में से एक है। अगर समय पर नियंत्रण न किया जाए तो यह 30% से 70% तक पैदावार कम कर सकती है।
इस लेख में हम जानेंगे कि कपास में गुलाबी सुंडी की पहचान कैसे करें, कौन सी दवा डालें, सही मात्रा क्या है और बचाव के प्रभावी उपाय क्या हैं।
गुलाबी सुंडी की पहचान कैसे करें?
- कपास की डंडी और टिंडे में छोटे छेद दिखाई देते हैं
- टिंडे के अंदर गुलाबी रंग की छोटी इल्ली मिलती है
- फूल और छोटे टिंडे गिरने लगते हैं
- कपास का रेशा कमजोर हो जाता है
गुलाबी सुंडी का हमला कब होता है?
यह कीट आमतौर पर अगस्त से अक्टूबर के बीच अधिक सक्रिय होता है, खासकर जब मौसम नम और गर्म हो।
कपास में गुलाबी सुंडी की सही दवा और मात्रा
| दवा का नाम | मात्रा (प्रति एकड़) |
|---|---|
| Emamectin Benzoate 5% SG | 80–100 ग्राम |
| Spinosad 45% SC | 60–70 मिली |
| Chlorantraniliprole 18.5% SC | 60 मिली |
स्प्रे करते समय 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़ उपयोग करें।
स्प्रे कब करें?
- प्रारंभिक लक्षण दिखते ही
- शाम के समय स्प्रे करें
- 15 दिन बाद जरूरत हो तो दोहराएं
जैविक नियंत्रण उपाय
- फेरोमोन ट्रैप 5–8 प्रति एकड़ लगाएं
- नीम तेल 2–3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
- खेत की नियमित निगरानी करें
रोकथाम के उपाय
- समय पर बुवाई करें
- फसल अवशेष नष्ट करें
- अधिक नाइट्रोजन खाद का उपयोग न करें
- फसल चक्र अपनाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या Bt कपास में भी गुलाबी सुंडी लगती है?
हाँ, Bt कपास में भी अब यह कीट देखा जा रहा है।
एक स्प्रे से नियंत्रण हो जाता है?
नहीं, जरूरत अनुसार 2–3 स्प्रे करने पड़ सकते हैं।
सबसे असरदार दवा कौन सी है?
Emamectin Benzoate और Chlorantraniliprole प्रभावी मानी जाती हैं।
क्या नीम तेल प्रभावी है?
प्रारंभिक अवस्था में जैविक नियंत्रण के रूप में मददगार हो सकता है।
Writer: Advance Farming Technics 🐞🐛🌱
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