खंडवा में संतरे की खेती का जादू: 5 साल में 100 गुना बढ़ा रकबा
किसान भाइयों, मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से खेती की एक बहुत सुखद खबर सामने आई है। यहाँ पारंपरिक फसलों को छोड़कर किसान अब बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले पांच से छह सालों में खंडवा में संतरे की खेती का क्षेत्र (रकबा) 100 गुना तक बढ़ गया है। जहाँ पहले सिर्फ 2 हेक्टेयर में संतरे उगाए जाते थे, वहीं अब यह बढ़कर 200 हेक्टेयर तक पहुँच गया है। यहाँ का मीठा संतरा अब महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों तक अपनी मिठास पहुँचा रहा है। 🍊✨
शिक्षक की नौकरी छोड़कर बने सफल किसान
इस सफलता के पीछे पंधाना के किसान सुरेश पटेल और उनके साथियों की कड़ी मेहनत है। सुरेश जी ने शिक्षक की नौकरी छोड़कर नागपुरी संतरे की खेती शुरू की थी। उन्होंने शुरुआत में अमरावती से पौधे लाकर केवल 2 हेक्टेयर में बगीचा लगाया था। चार साल बाद जब फसल तैयार हुई, तो उन्हें लाखों की कमाई हुई। इसे देखकर उन्होंने अपना बगीचा और बढ़ाया। आज उनके पास संतरे और मौसंबी के हजारों पेड़ हैं, जिससे वे साल में 35 से 40 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। 🚜💰
खंडवा के संतरे की क्या है खासियत?
उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार खंडवा की मिट्टी संतरे के लिए बहुत अच्छी है। यहाँ के संतरे में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं:
- विटामिन सी का भंडार: यह संतरा विटामिन सी का बहुत अच्छा स्रोत है। 🍊
- स्वाद और सेहत: इसमें विटामिन ए, बी-7 और फोलिक एसिड भी पर्याप्त मात्रा में है, जो दिल और त्वचा के लिए फायदेमंद है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ का संतरा शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाता है। 💪🛡️
कम खर्च और आधुनिक तकनीक का मेल
संतरे का बगीचा तैयार करने में शुरुआती खर्च प्रति एकड़ लगभग 10 हजार रुपये आता है। इसके बाद देखभाल और सिंचाई का खर्च 5 से 6 हजार रुपये सालाना होता है। सुरेश पटेल जैसे प्रगतिशील किसान अब दवाओं और पानी के छिड़काव के लिए ‘ड्रोन कैमरे’ जैसी आधुनिक तकनीक का भी उपयोग कर रहे हैं। साल में दो बार फसल आने से किसानों को नियमित आय का एक जरिया मिल गया है। 🚁💧
किसानों के लिए सफलता का मंत्र
खंडवा के किसानों की यह कहानी बताती है कि अगर सही तकनीक और अच्छी प्रजाति के पौधों का चुनाव किया जाए, तो खेती घाटे का सौदा नहीं है। चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों के व्यापारी अब खुद खेत पर आकर 30 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से संतरा खरीद रहे हैं। यह छोटे किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है कि वे भी अपनी आय बढ़ाने के लिए फलों की खेती को अपनाएं। 🌾🤝






