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खाद की कालाबाजारी पर रोक: कृषि विभाग ने 20 प्रखंडों में बनाई टीमें 🌱
बिहार के समस्तीपुर जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग सख्त हो गया है। खाद की कमी और बढ़ती कीमतों की शिकायतों के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 20 प्रखंडों में विशेष छापेमारी टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों का काम खाद विक्रेताओं की दुकानों की जांच करना और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करना है।
कालाबाजारी पर विभाग का कड़ा प्रहार 🛡️
अक्सर देखा गया है कि बुवाई के समय खाद की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ दुकानदार खाद को छिपा लेते हैं या उसे ऊंचे दामों पर बेचते हैं। इससे छोटे किसानों को बहुत परेशानी होती है। कृषि विभाग की इन टीमों ने अब खाद की दुकानों और गोदामों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
विभाग ने साफ कर दिया है कि खाद केवल सरकारी दाम पर ही बेची जानी चाहिए। दुकानदार को अपनी दुकान के बाहर खाद के स्टॉक और दाम की सूची लगानी होगी। अगर कोई दुकानदार नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द किया जा सकता है। इसके साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रखंड स्तर पर की गई विशेष व्यवस्था
प्रखंड स्तर पर गठित टीमें खाद की आवक और बिक्री का पूरा हिसाब रखेंगी। इन टीमों में कृषि अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस को भी शामिल किया गया है। छापेमारी के दौरान स्टॉक रजिस्टर और पीओएस (POS) मशीन की जांच की जा रही है। इससे यह पता चलेगा कि दुकानदार ने कितना खाद बेचा और कितना उसके पास बचा है।
किसानों को खाद खरीदने के लिए अपना आधार कार्ड ले जाना जरूरी है। खाद की बिक्री केवल मशीन के जरिए ही की जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय रसीद जरूर लें। रसीद न देने वाले दुकानदारों की शिकायत तुरंत संबंधित विभाग में करें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह 🚜
किसान भाई पैनिक होकर खाद का स्टॉक न करें। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। जरूरत से ज्यादा खाद खरीदने से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होती है। अपनी फसल की जरूरत के हिसाब से ही खाद खरीदें। हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद की खरीदारी करें।
अगर कोई दुकानदार आपसे तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें। आप जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत दे सकते हैं। किसानों की सतर्कता ही कालाबाजारी को पूरी तरह खत्म कर सकती है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य 💡
सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर और सही दाम में खाद मिले। खेती में खाद का बहुत बड़ा महत्व है। यदि समय पर खाद नहीं मिलेगी, तो फसल का उत्पादन कम हो जाएगा। इसलिए सरकार उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रही है।
बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। कालाबाजारी पर इस तरह की सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा बढ़ेगा। इससे राज्य की कृषि व्यवस्था में सुधार होगा और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
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