गर्मी में प्याज की खेती और लू से बचाव के उपाय


“`

354478

गर्मी में प्याज की खेती: तेज धूप और लू से फसल बचाने के खास तरीके 🌱

प्याज एक ऐसी फसल है जिसकी मांग साल भर बनी रहती है। लेकिन गर्मी के मौसम में प्याज उगाना थोड़ा मुश्किल काम है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण प्याज की गाठें छोटी रह जाती हैं या पौधे सूखने लगते हैं। आज हम जानेंगे कि भयंकर गर्मी के बीच प्याज की बंपर पैदावार कैसे लें और इसे ‘हीट स्ट्रेस’ से कैसे बचाएं।

गर्मी के लिए उपयुक्त जलवायु और किस्में ☀️

गर्मी में प्याज उगाने के लिए ऐसी किस्मों का चुनाव करना चाहिए जो कम समय में तैयार हो जाएं। ‘एग्रीफाउंड लाइट रेड’ और ‘अर्का कल्याण’ जैसी किस्में गर्मी सहने के लिए बहुत अच्छी मानी जाती हैं। प्याज के लिए 25 से 35 डिग्री तापमान सबसे बेहतरीन होता है। इससे अधिक गर्मी होने पर पौधों के विकास पर असर पड़ता है।

प्याज की बुवाई के लिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी की जरूरत होती है। खेत तैयार करते समय पुरानी गोबर की खाद जरूर मिलाएं। इससे मिट्टी की जल सोखने की शक्ति बढ़ती है। गर्मी में प्याज के बीज जल्दी अंकुरित नहीं होते, इसलिए बीजों को उपचारित करके ही नर्सरी में डालें।

हीट स्ट्रेस (लू) से बचाव के तरीके 🛡️

गर्मी के मौसम में ‘हीट स्ट्रेस’ प्याज की फसल का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, तो पौधों की पत्तियां झुलसने लगती हैं। इससे बचाव के लिए ‘मल्चिंग’ सबसे असरदार तरीका है। पौधों के बीच की खाली जगह को सूखी घास या पुआल से ढंक दें। इससे मिट्टी का तापमान कम रहता है और नमी बनी रहती है।

खेत के चारों ओर ऊंचे पौधे जैसे मक्का या ज्वार की एक कतार लगा सकते हैं। ये पौधे एक ‘विंड ब्रेकर’ की तरह काम करते हैं और गर्म लू को सीधा प्याज की फसल तक नहीं पहुंचने देते। दोपहर के समय फसल पर हल्का पानी छिड़कने से भी तापमान नियंत्रित रहता है।

सिंचाई का सही प्रबंधन 💧

गर्मी में प्याज को नियमित सिंचाई की जरूरत होती है। मिट्टी को कभी भी पूरी तरह सूखने न दें। सुबह के समय या देर शाम को पानी देना सबसे अच्छा रहता है। दोपहर की धूप में पानी देने से मिट्टी गर्म हो जाती है, जिससे प्याज की जड़ें खराब हो सकती हैं।

ड्रिप सिंचाई विधि प्याज के लिए वरदान है। इससे हर पौधे की जड़ तक सीधे पानी पहुंचता है। अगर आप क्यारियों में पानी देते हैं, तो ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा न भरें। जलभराव से प्याज की गाठें सड़ने का डर रहता है। मिट्टी में नमी का स्तर बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है।

खाद और पोषण का संतुलन 🐞

प्याज की गाठें बड़ी और वजनदार बनाने के लिए पोटाश का उपयोग बहुत जरूरी है। बुवाई के 30-40 दिन बाद हल्की मात्रा में यूरिया दें। ज्यादा यूरिया देने से बचें, क्योंकि इससे पत्तियां तो बढ़ती हैं लेकिन प्याज का साइज छोटा रह जाता है।

पौधों की शक्ति बढ़ाने के लिए समुद्री शैवाल (Seaweed) या तरल खाद का छिड़काव करें। इससे पौधों में गर्मी सहने की क्षमता आती है। जैविक खाद जैसे वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग मिट्टी की सेहत सुधारता है। खाद देने के तुरंत बाद हल्की सिंचाई जरूर करें ताकि पोषक तत्व जड़ों तक पहुंच सकें।

कीट और रोगों की रोकथाम 🐛

गर्मी में प्याज पर ‘थ्रिप्स’ (Thrips) नाम के छोटे कीड़ों का हमला ज्यादा होता है। ये कीड़े पत्तियों का रस चूस लेते हैं, जिससे पत्तियां सफेद और टेढ़ी हो जाती हैं। इससे बचाव के लिए पीले और नीले चिपचिपे जाल (Sticky Traps) खेत में लगाएं।

नीम के तेल का छिड़काव करने से भी कीटों पर लगाम लगाई जा सकती है। अगर प्याज की जड़ में कीड़े लग रहे हों, तो सिंचाई के साथ उपयुक्त कीटनाशक का प्रयोग करें। खेत को हमेशा खरपतवार से मुक्त रखें। घास-फूस हटाने से हवा का संचार अच्छा रहता है और बीमारियां कम फैलती हैं।

खुदाई और भंडारण 💰

जब प्याज की 50-60% पत्तियां पीली होकर गिरने लगें, तब समझें कि फसल तैयार है। खुदाई के बाद प्याज को सीधे धूप में न छोड़ें। इसे किसी छायादार और हवादार जगह पर सुखाएं। गर्मी के प्याज को लंबे समय तक स्टोर करना थोड़ा कठिन होता है।

अच्छी तरह सुखाने के बाद ही प्याज को बोरियों में भरें। प्याज की गर्दन (पत्ती वाला हिस्सा) को 1-2 इंच छोड़कर काटें। सही भंडारण से आप प्याज को तब बेच सकते हैं जब बाजार में कीमतें सबसे ज्यादा हों। आपकी थोड़ी सी एहतियात आपको मोटा मुनाफा दिला सकती है।


Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞

Website: advancefarmingtechnics.com

Contact: advancefarmingtechnics@gmail.com

“`

Share this knowledge with your network and help others grow.

WhatsApp
Facebook
X
LinkedIn
Pinterest
Telegram
Email
Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *