सरकारी योजना का फायदा लेकर अफीम की खेती: कृषि अधिकारी सस्पेंड 🌱🚫
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहा था। इस मामले में लापरवाही बरतने पर जिला कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला? 🧐
दुर्ग जिले के समोदा गाँव में विनायक ताम्रकार और उसके भाई विमल ताम्रकार के खेत में अफीम उगाई जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि कृषि विभाग के अधिकारी इस खेत की रिपोर्ट में इसे मक्के की फसल बताते रहे। जाँच में पता चला कि शासन को गुमराह करने के लिए जानबूझकर गलत जानकारी दी गई थी।
अधिकारी पर गिरी गाज ⚖️
जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और पटवारी अनिता साहू को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
धोखाधड़ी का तरीका 📉
जाँच के दौरान कई गड़बड़ियाँ मिलीं:
- अधिकारियों ने धान के खेत को कागजों पर मक्के का प्रदर्शन प्लॉट दिखाया।
- प्रदर्शन प्लॉट के नाम पर सरकार से मिलने वाली मदद (प्रोत्साहन राशि) भी ले ली गई।
- नियमों के खिलाफ जाकर, असली किसान की जगह किसी और को खड़ा करके फोटो खींची गई और पोर्टल पर अपलोड की गई।
- जिस खेत को मक्का बताया गया, उसके ठीक पीछे अफीम की अवैध फसल लहलहा रही थी।
किसानों के लिए सबक ⚠️
अफीम और गांजे जैसी फसलों की खेती भारत में बिना अनुमति के गैरकानूनी है। सरकारी योजनाओं का गलत इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है। प्रशासन अब अन्य सीमावर्ती इलाकों जैसे खैरागढ़, कवर्धा और बस्तर में भी ऐसी अवैध खेती पर कड़ी नजर रख रहा है।
Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞
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