जायद फसलों की बुवाई में 2.3% की गिरावट: चावल और मक्का का रकबा घटा, दालों की खेती बढ़ी
किसान भाइयों, देश में गर्मी के मौसम की यानी ‘जायद’ की फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है। कृषि मंत्रालय की नई रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जायद फसलों की कुल बुवाई में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी देखी गई है। 20 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, बुवाई का कुल क्षेत्र करीब 2.33% घट गया है। जहां चावल और मक्का जैसी फसलों के रकबे में गिरावट आई है, वहीं दालों की खेती में किसानों ने गहरी रुचि दिखाई है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं खेती के ताजा आंकड़े। 📉🌾
दलहन फसलों में आई बड़ी तेजी
इस साल किसानों ने दालों की बुवाई पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। पिछले साल के मुकाबले दलहन का क्षेत्र बढ़कर 4.09 लाख हेक्टेयर हो गया है।
- मूंग की खेती: मूंग की बुवाई में सबसे ज्यादा बढ़त हुई है। यह बढ़कर 2.57 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। 🌱
- उड़द की खेती: उड़द का रकबा भी बढ़ा है और अब यह 1.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उगाई जा रही है।
दालों के बढ़ते रकबे से साफ है कि किसान अब कम पानी वाली और कम समय में तैयार होने वाली फसलों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
चावल और मोटे अनाज के रकबे में कमी
दूसरी ओर, जायद के मुख्य अनाज यानी चावल और मक्का की बुवाई में कमी दर्ज की गई है।
- चावल: इस साल जायद चावल की बुवाई करीब 27.86 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल से लगभग 80 हजार हेक्टेयर कम है। 🍚
- मक्का और मोटे अनाज: मक्का की बुवाई में भी बड़ी गिरावट आई है। मक्का का रकबा घटकर 4.24 लाख हेक्टेयर रह गया है। ज्वार की खेती में भी कमी देखी गई है, जबकि बाजरा और रागी के रकबे में मामूली सुधार हुआ है। 🌽
तिलहन फसलों की स्थिति
सूरजमुखी और मूंगफली जैसी तिलहन फसलों का कुल क्षेत्र लगभग पिछले साल के बराबर ही बना हुआ है। मूंगफली की बुवाई में बहुत मामूली बढ़त हुई है, जबकि तिल के रकबे में हल्की कमी आई है। कुल मिलाकर तिलहन का क्षेत्र 4.69 लाख हेक्टेयर रहा है। 🌻🥜
किसानों के लिए क्या है संकेत?
जायद की फसलों में दालों का बढ़ता क्षेत्र एक अच्छा संकेत है। दालें न केवल मिट्टी की सेहत सुधारती हैं, बल्कि इनमें पानी की खपत भी कम होती है। चावल और मक्का के रकबे में कमी का कारण पानी की उपलब्धता या मौसम में बदलाव हो सकता है। जायद की खेती कम समय की होती है, इसलिए किसानों को सही फसल का चुनाव करके अपनी आय बढ़ाने का मौका मिलता है।
किसान भाई इस समय अपनी फसलों में नमी बनाए रखें और कीटों से बचाव के उपाय करते रहें। 🚜🐛






