पराली से कैसे बनेगा पशुओं के लिए सुपर फूड? जानिए पूरा तरीका 🌱🍼
आज के समय में खेती के साथ पशुपालन करना कठिन होता जा रहा है। चारागाह कम हो रहे हैं और बाजार में चारे के दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसान भाई अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए परेशान हैं। जगदलपुर के कृषि वैज्ञानिकों ने इस समस्या का एक बहुत बढ़िया समाधान निकाला है। अब आप धान की पराली को जलाकर राख करने के बजाय उसे गाय-भैंसों के लिए ताकतवर आहार बना सकते हैं।
पराली को क्यों सुधारना जरूरी है? 🌾
धान की सूखी पराली में सीधे तौर पर बहुत कम पोषण होता है। इसमें लिग्निन नाम का एक कड़ा तत्व होता है, जिसे पशु पचा नहीं पाते। इसे खिलाने से पशु का पेट तो भर जाता है, लेकिन उसे जरूरी प्रोटीन नहीं मिलता। यूरिया उपचार तकनीक इसी कमी को दूर करती है। यह पराली को नरम बनाती है और उसे आसानी से पचने लायक बनाती है। 🐄
जरूरी सामग्री और उसकी मात्रा 🛠️
बेहतर परिणाम के लिए आपको सही माप का ध्यान रखना होगा। यहाँ 100 किलो पराली के लिए सामान की सूची दी गई है:
- सूखी पराली: 1 क्विंटल (छोटे टुकड़ों में कटी हुई)
- खाद वाला यूरिया: 4 किलो
- साफ पानी: 40 से 50 लीटर
- प्लास्टिक शीट: पराली को ढकने के लिए बड़ी पन्नी
- नमक (वैकल्पिक): 1 किलो (स्वाद के लिए)
पौष्टिक चारा बनाने की चरणबद्ध विधि 📝
1. पराली की कुट्टी करना
सबसे पहले पराली को कटर मशीन से छोटे टुकड़ों में काट लें। 2 से 3 इंच के टुकड़े सबसे अच्छे रहते हैं। छोटे टुकड़े होने से यूरिया का घोल अंदर तक जा पाता है और पशु भी इसे आसानी से चबाते हैं।
2. यूरिया का घोल तैयार करना
एक प्लास्टिक की बाल्टी या ड्रम लें। उसमें 40 से 50 लीटर पानी भरें। अब इसमें 4 किलो यूरिया डालें और डंडे से तब तक हिलाएं जब तक यूरिया पूरी तरह घुल न जाए। अगर आप चाहें तो इसमें थोड़ा नमक भी मिला सकते हैं। 🧊
3. परत दर परत उपचार
जमीन पर प्लास्टिक शीट बिछाएं ताकि घोल मिट्टी में न मिले। अब इस पर 10-15 किलो कटी हुई पराली फैलाएं। इस परत पर यूरिया का घोल छिड़कें। फिर दूसरी परत बिछाएं और घोल डालें। इसी तरह सारी पराली का ढेर बना लें। हर परत को पैरों से दबाते रहें ताकि हवा बाहर निकल जाए।
4. हवा बंद करके रखना
ढेर तैयार होने के बाद इसे ऊपर से दूसरी प्लास्टिक शीट से अच्छी तरह ढक दें। चारों किनारों पर भारी पत्थर या मिट्टी रख दें ताकि बाहर की हवा अंदर न जा सके। इसे 21 दिनों के लिए ऐसे ही छोड़ दें। ⏳
पशुओं को खिलाने का सही तरीका 🐄🥣
21 दिन बाद जब आप ढेर खोलेंगे, तो पराली का रंग हल्का पीला या भूरा हो जाएगा। इसमें से अमोनिया की तीखी महक आएगी। इसे सीधे पशु को न दें। पहले जरूरत के हिसाब से चारा बाहर निकालें और 2-3 घंटे के लिए छाया में फैला दें। जब गंध निकल जाए, तब इसे खिलाएं।
यूरिया उपचारित चारे के फायदे 🌟
| फायदा | विवरण |
|---|---|
| प्रोटीन में बढ़त | पराली में प्रोटीन 3% से बढ़कर 7-8% तक हो जाता है। |
| बेहतर पाचन | पशु इसे जल्दी पचा लेते हैं और गोबर साफ आता है। |
| दूध की वृद्धि | इसे खाने से गाय-भैंस 1 से 2 लीटर ज्यादा दूध देने लगती हैं। |
| सस्ता विकल्प | बाजार के महंगे दाने पर निर्भरता कम हो जाती है। |
विशेष सावधानियां ⚠️
यूरिया की मात्रा कभी भी बताई गई मात्रा से ज्यादा न रखें। बीमार पशुओं या 6 महीने से छोटे बछड़ों को यह चारा न दें। चारे को हमेशा छायादार और सूखे स्थान पर ही बनाएं। अगर चारे पर काली फफूंद दिखाई दे, तो उसे पशु को न खिलाएं।
खेतों में पराली जलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह धरती का उपजाऊपन भी खत्म करता है। इस वैज्ञानिक तरीके को अपनाकर आप प्रदूषण भी रोक सकते हैं और अपने पशुओं को सेहतमंद भी बना सकते हैं। 🌳💪
✍️ About the Author: Dhiraj Bhisekar
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