मार्च में उड़द की खेती: 60 दिन, कम पानी और बंपर मुनाफा

60 दिन, कम पानी और बंपर मुनाफा! मार्च में उड़द की खेती के लिए अपनाएं ये 5 गोल्डन टिप्स 🌿

किसान भाइयों, मार्च का महीना शुरू हो चुका है। यह समय खेती के लिए बहुत ही खास होता है। इस मौसम में गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। ऐसे में कई किसान भाई परेशान रहते हैं कि कौन सी फसल लगाएं। अगर आप कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं, तो उड़द की खेती आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। उड़द एक ऐसी फसल है जो मात्र 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाती है। इसे पानी की भी बहुत कम जरूरत पड़ती है। आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि मार्च में उड़द उगाकर आप कैसे बंपर मुनाफा पा सकते हैं।

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क्यों करें मार्च में उड़द की खेती? 🤔

मार्च में उगाई जाने वाली उड़द को ‘जायद’ की फसल कहते हैं। इस समय खेत खाली होते हैं। गेहूं की कटाई के बाद या खाली पड़ी जमीन पर इसे आसानी से उगाया जा सकता है। उड़द की फसल मिट्टी की ताकत भी बढ़ाती है। इसकी जड़ों में ऐसे गांठ होते हैं जो हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में मिला देते हैं। इससे आपकी जमीन अगली फसल के लिए और भी उपजाऊ बन जाती है। कम लागत और कम मेहनत में यह फसल आपको मालामाल कर सकती है।


1. सही किस्म का चुनाव करें: सफलता की पहली सीढ़ी 🌾

उड़द की खेती में बीज का चुनाव सबसे अहम होता है। अगर बीज खराब होगा, तो मेहनत बेकार चली जाएगी। मार्च की तेज धूप और गर्मी को सहने वाली किस्मों को ही चुनें। कुछ खास किस्में नीचे दी गई हैं जो किसानों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं:

  • पंत यू-31: यह किस्म बहुत जल्दी पकती है। इसकी फलियां एक साथ पकती हैं, जिससे कटाई में आसानी होती है।
  • आजाद उड़द-3: यह गर्मी के प्रति बहुत सहनशील है। इसमें बीमारियां लगने का खतरा बहुत कम होता है।
  • टी-9: यह पुरानी और भरोसेमंद किस्म है। यह मात्र 60-65 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है।
  • IPU 94-1: इसके दाने मोटे और चमकीले होते हैं, जिससे बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं।

हमेशा प्रमाणित बीज ही खरीदें। बीज खरीदने से पहले उसकी पैकिंग की तारीख जरूर देख लें। पुराने बीजों का जमाव कम होता है। अगर आप घर के बीज का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे धूप में अच्छे से सुखा लें। सही बीज चुनना ही बंपर मुनाफे की शुरुआत है।


2. खेत की तैयारी और बुवाई का सही तरीका 🚜

उड़द के लिए खेत की तैयारी बहुत जरूरी है। सबसे पहले खेत की एक बार गहरी जुताई करें। इसके बाद दो से तीन बार कल्टीवेटर चलाकर मिट्टी को भुरभुरा बना लें। मिट्टी जितनी महीन होगी, बीज का जमाव उतना ही अच्छा होगा। खेत में जल निकासी का अच्छा प्रबंध होना चाहिए। पानी रुकने से उड़द के पौधे पीले पड़कर खराब हो सकते हैं।

बुवाई का सही समय

मार्च का पहला और दूसरा हफ्ता बुवाई के लिए सबसे सटीक है। अगर आप देर करेंगे, तो फसल पकते समय मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। बारिश होने पर फलियां खराब होने का डर रहता है। इसलिए समय पर बुवाई करना ही बुद्धिमानी है।

बुवाई की विधि और दूरी

उड़द की बुवाई कतारों में करें। कतार से कतार की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखें। एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 5 से 10 सेंटीमीटर होनी चाहिए। बीज को 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर ही डालें। ज्यादा गहरा बोने से बीज बाहर नहीं निकल पाते। सही दूरी रखने से पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है। इससे कीड़े लगने का डर भी कम रहता है।


3. बीज उपचार और खाद का सही उपयोग 💊

ज्यादातर किसान बीज उपचार को छोड़ देते हैं। यह एक बड़ी गलती है। बीज को उपचारित करने से मिट्टी में रहने वाले फफूंद और कीड़े बीज को नुकसान नहीं पहुंचा पाते। बुवाई से पहले बीजों को किसी अच्छे फफूंदनाशक से साफ करें। इसके बाद ‘राइजोबियम कल्चर’ का प्रयोग करें। इससे पौधों की जड़ों में गांठें ज्यादा बनती हैं और पैदावार बढ़ती है।

खाद और उर्वरक प्रबंधन

उड़द एक दलहनी फसल है। इसे ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद की जरूरत नहीं होती। बुवाई के समय प्रति एकड़ 40 से 50 किलो डीएपी (DAP) डालना पर्याप्त है। अगर आपकी मिट्टी कमजोर है, तो थोड़ा पोटाश भी मिला सकते हैं। ज्यादा यूरिया का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे पौधे की लंबाई तो बढ़ती है पर फलियां कम आती हैं। प्राकृतिक खाद या गोबर की खाद डालना सबसे उत्तम रहता है।


4. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण 💧

गर्मी के मौसम में पानी का प्रबंधन बहुत जरूरी है। उड़द को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिए। पहली सिंचाई बुवाई के 20 से 25 दिन बाद करें। इसके बाद जरूरत के अनुसार 10 से 12 दिनों के अंतर पर पानी देते रहें।

सिंचाई के समय ध्यान देने वाली बातें

जब फसल में फूल आ रहे हों और फलियां बन रही हों, तब पानी की कमी न होने दें। इस समय नमी की कमी से फूल गिर सकते हैं। हमेशा हल्की सिंचाई करें। खेत में पानी को ज्यादा समय तक न भरने दें। शाम के समय पानी देना सबसे अच्छा रहता है क्योंकि उस समय तापमान कम होता है।

खरपतवार को कैसे रोकें?

खेत में उगे जंगली घास या खरपतवार फसल का सारा पोषण सोख लेते हैं। बुवाई के 20 से 30 दिन के अंदर एक बार निराई-गुड़ाई जरूर करें। इससे मिट्टी ढीली होती है और जड़ों को हवा मिलती है। आप चाहें तो बुवाई के तुरंत बाद खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव भी कर सकते हैं। साफ खेत में फसल तेजी से बढ़ती है और उत्पादन अच्छा होता है।


5. कीट नियंत्रण और फसल की कटाई 🐜

गर्मी में उड़द की फसल पर कुछ खास कीड़ों का हमला होता है। सफेद मक्खी, हरा तेला और फली छेदक कीड़े फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये कीड़े पत्तों का रस चूस लेते हैं जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं।

बचाव के उपाय

कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें। यह एक सुरक्षित और असरदार तरीका है। अगर कीड़ों का हमला ज्यादा हो, तो किसी कृषि विशेषज्ञ की सलाह पर दवा का छिड़काव करें। पीला मोजेक वायरस से बचने के लिए रोग प्रतिरोधी किस्में ही बोएं। खेत की निगरानी रोजाना करें ताकि बीमारी की शुरुआत में ही उसे रोका जा सके।

सही समय पर कटाई

उड़द की फसल 60 से 65 दिन में पक जाती है। जब फलियां 70 से 80 प्रतिशत तक काली पड़ जाएं, तो समझ लें कि फसल तैयार है। कटाई में देरी न करें। ज्यादा सूखने पर फलियां फटने लगती हैं और दाने जमीन पर गिर जाते हैं। कटाई के बाद फसल को छोटे-छोटे ढेरों में बांधकर खेत में ही 2-3 दिन सूखने दें। इसके बाद थ्रेशर की मदद से दाने अलग कर लें।


भंडारण और मुनाफा 💰

दाने निकालने के बाद उन्हें धूप में अच्छी तरह सुखाएं। दानों में नमी 10 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। अगर नमी ज्यादा होगी, तो भंडारण के समय घुन या अन्य कीड़े लग सकते हैं। दानों को साफ बोरियों में भरकर सूखे स्थान पर रखें। मार्च में उगाई गई उड़द जब मई-जून में बाजार आती है, तब इसकी मांग बहुत ज्यादा होती है। आपको इसका बहुत अच्छा भाव मिलेगा।

उड़द की खेती किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह कम समय में खाली जमीन का सही उपयोग है। अगर आप ऊपर दिए गए 5 गोल्डन टिप्स को अपनाते हैं, तो निश्चित ही आपकी मेहनत रंग लाएगी। आप इस सीजन में बंपर मुनाफा कमाएंगे। आधुनिक खेती से जुड़ी और जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहें।

उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। खेती में नए प्रयोग करें और अपनी आय बढ़ाएं। जय किसान!


Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞

Website: advancefarmingtechnics.com

Contact: advancefarmingtechnics@gmail.com

क्या आप उड़द की फसल में लगने वाले रोगों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?


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