लोकसभा अपडेट: कितने किसानों की आय हुई दोगुनी? कृषि मंत्री ने आंकड़ों के साथ दिया जवाब 📊🌾
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में किसानों की आय को लेकर अहम सवाल पूछे गए। सांसद एम.डी. अबू ताहेर खान के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विस्तार से बताया कि कैसे सरकार की विभिन्न योजनाओं के तालमेल से देश के अन्नदाताओं की स्थिति में सुधार आ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
बजट में भारी बढ़ोतरी और आय के बढ़ते आंकड़े 💰📈
कृषि मंत्री ने सदन को बताया कि पिछले एक दशक में कृषि विभाग के बजट आवंटन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
- बजट में उछाल: वर्ष 2013-14 में कृषि बजट मात्र 21,933.50 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 (बजट अनुमान) में बढ़कर 1,27,290.16 करोड़ रुपये हो गया है। 🚀
- औसत मासिक आय: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSSO) के अनुसार, किसान परिवारों की औसत मासिक आय 2012-13 में ₹6,426 से बढ़कर 2018-19 में ₹10,218 हो गई है।
- 75,000 सफलता की कहानियां: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने ऐसे 75,000 किसानों की सफलता का संकलन जारी किया है, जिनकी आय योजनाओं के सही तालमेल से दोगुनी से भी अधिक हुई है। ✨
किसानों के कल्याण के लिए प्रमुख योजनाएं 🛡️🚜
सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 30 से अधिक विशेष मिशन और योजनाएं लागू की हैं। इनमें से कुछ मुख्य इस प्रकार हैं:
महत्वपूर्ण पहल:
- पीएम किसान सम्मान निधि: सीधे आर्थिक मदद के लिए। 💸
- पीएम-आशा (PM-AASHA): न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कवच।
- नमो ड्रोन दीदी: खेती में आधुनिक ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए। 🛸
- नया डिजिटल कृषि मिशन: खेती को तकनीक और डेटा से जोड़ने के लिए। 📱
- दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन: दालों के उत्पादन में देश को स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य।
आत्महत्या के आंकड़ों और राहत पर स्पष्टीकरण 📋🤝
संसद में किसानों की आत्महत्या से संबंधित सवाल पर कृषि मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) इन आंकड़ों को संकलित करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें अपने नियमों के अनुसार प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राशि (Ex-gratia) या राहत प्रदान करने के लिए जिम्मेदार हैं।
किसानों के लिए जरूरी सलाह:
- योजनाओं से जुड़ें: कृषि अवसंरचना कोष (AIF) और FPO जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी लागत कम करें। 🛠️
- डिजिटल पहचान: अपनी डिजिटल फार्मर आईडी (Farmer ID) जरूर बनवाएं ताकि सरकारी मदद बिना देरी के सीधे आप तक पहुँचे।
- प्राकृतिक खेती: लागत कम करने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) को अपनाएं। 🌱
निष्कर्ष ✨
लोकसभा में दिए गए ये आंकड़े और जानकारियां दर्शाते हैं कि कृषि क्षेत्र अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है। बजट में भारी निवेश और आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन और डिजिटल मिशन से किसान अब उद्यमी बन रहे हैं। सरकार की नीतियां अब उत्पादन के साथ-साथ किसान की जेब में सीधे लाभ पहुँचाने पर केंद्रित हैं।
तकनीक अपनाएं, आय बढ़ाएं। 🌱💪






