संसद में गूंजी किसानों की बात: श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- “किसानों की आय दोगुनी हुई” 🌾🇮🇳
लोकसभा में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मोदी सरकार की कृषि नीतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री चौहान के अनुसार, पिछले वर्षों में उठाए गए ऐतिहासिक कदमों के कारण कई किसानों की आय दोगुनी हुई है और कृषि उत्पादन में लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
आय सुरक्षा के लिए ‘सुरक्षा कवच’ योजनाएं 🛡️💰
सरकार केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को वास्तविक लाभ मिले। इसके लिए कई प्रमुख योजनाएं चलाई जा रही हैं:
- लागत + 50% एमएसपी: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए, उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर एमएसपी तय किया जा रहा है। 💸
- पीएम-आशा (PM-AASHA): यह उन फसलों को सुरक्षा देती है जिनके दाम एमएसपी से नीचे चले जाते हैं। इसमें दलहन और तिलहन की सीधी खरीद शामिल है।
- भावांतर भुगतान योजना: यदि बाजार भाव एमएसपी से कम है, तो अंतर की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है। 📈
- मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS): जल्दी खराब होने वाले फल और सब्जियों के लिए सरकार मॉडल रेट तय करती है ताकि किसानों को नुकसान न हो।
डिजिटल क्रांति और त्वरित राहत 📱✨
कृषि मंत्री ने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से किसानों तक मदद पहुँचाना अब बहुत आसान और पारदर्शी हो गया है।
प्रमुख तकनीकी पहल:
- डिजिटल फार्मर आईडी: महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी के माध्यम से मात्र 5 दिनों में 14,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे गए। 🏦
- रिकॉर्ड एमएसपी खरीदी: गेहूं, धान, दलहन और तिलहन की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की गई है।
- पंचायत स्तर पर निगरानी: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पारदर्शिता के लिए हर पंचायत स्तर पर फसल-कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments) किए जा रहे हैं। 📋
सब्जी और फलों के लिए विशेष सहायता 🍎🚚
सरकार ने अब अनाज से आगे बढ़कर फल और सब्जियों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। यदि किसान अपना माल (जैसे अंगूर, मिर्च, आलू, प्याज, टमाटर) बड़े शहरों की मंडियों में ले जाना चाहते हैं, तो परिवहन लागत का भार भी केंद्र सरकार उठा रही है। इससे किसानों को दूर की मंडियों में बेहतर दाम मिल रहे हैं।
निष्कर्ष 🌱💪
केंद्रीय मंत्री का यह संबोधन दर्शाता है कि सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक व्यापक और बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, डिजिटल भुगतान और भावांतर जैसी योजनाओं ने किसानों को बाजार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—पसीने की पूरी कीमत और अन्नदाता का सम्मान।






