सरसों की कटाई के लिए सही समय और तरीका: दाने नहीं झड़ेंगे और मुनाफा बढ़ेगा 🌾💰
किसान भाइयों, सरसों की फसल अब पककर तैयार होने वाली है। सरसों की खेती में सबसे बड़ी चुनौती कटाई के समय होने वाला नुकसान है। अगर आप सही समय पर कटाई नहीं करते, तो दाने खेत में ही झड़ने लगते हैं। इससे आपकी मेहनत और पैसा दोनों बर्बाद हो सकते हैं। आज हम जानेंगे कि सरसों की कटाई कब और कैसे करें।
सरसों की कटाई का फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए। न तो इसे बहुत कच्चा काटना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा सूखने देना चाहिए।
कैसे पहचानें कि फसल कटाई के लिए तैयार है? 🤔
फसल काटने का सही समय जानने के लिए इन बातों पर गौर करें:
- फल्लियों का रंग: जब सरसों की 75 से 80 प्रतिशत फल्लियां सुनहरी या पीली हो जाएं, तो समझें कि कटाई का समय आ गया है।
- दानों का रंग: फल्लियों को खोलकर देखें, अगर दाने काले या गहरे भूरे पड़ गए हैं और सख्त हैं, तो फसल तैयार है।
- पत्तियों का गिरना: जब पौधे की पत्तियां सूखकर गिरने लगें और तना पीला पड़ जाए।
कटाई के समय ध्यान रखने वाली बातें ⚠️
सरसों की कटाई हमेशा सुबह के समय करनी चाहिए। सुबह के समय ओस की वजह से फल्लियों में नमी होती है, जिससे दाने कम झड़ते हैं। दोपहर की तेज धूप में कटाई करने से फल्लियां चटकने लगती हैं और दाने जमीन पर गिर जाते हैं।
पौधों को जमीन के पास से काटें और उन्हें छोटे-छोटे बंडलों में बांध लें। इसके बाद इन्हें खलिहान में 4-5 दिन तक धूप में सूखने के लिए रखें।
मशीन से कटाई या हाथों से? 🚜✂️
अगर आपका खेत बड़ा है, तो आप रीपर (Reaper) मशीन का उपयोग कर सकते हैं। यह मशीन फसल को काटकर एक तरफ बिछा देती है। इससे मजदूरी का खर्च कम होता है और काम जल्दी होता है। छोटे खेतों के लिए हाथों से कटाई करना ही बेहतर रहता है।
गहाई और भंडारण (Threshing and Storage) 🧺
जब फसल पूरी तरह सूख जाए, तो थ्रेशर की मदद से दानों को अलग कर लें। थ्रेशर की स्पीड का ध्यान रखें ताकि दाने टूटें नहीं। दानों को स्टोर करने से पहले उन्हें अच्छी तरह सुखा लें। दानों में नमी 8 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, वरना भंडार में कीड़े लग सकते हैं।
सही समय पर की गई कटाई आपकी पैदावार को 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। उम्मीद है यह जानकारी आपके काम आएगी।
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