गेहूं की फसल को रोगों और चूहों से कैसे बचाएं? 🌾
फरवरी का महीना गेहूं की फसल के लिए बहुत जरूरी होता है। इस समय मौसम बदल रहा है। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण फसल में नमी कम होने लगती है। ऐसे समय में चेपा, दीमक और चूहों का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो पैदावार कम हो सकती है।
चेपा (Affid) कीट से बचाव के उपाय 🐛
बदलते मौसम में चेपा कीट गेहूं की बालियों और पत्तों का रस चूस लेते हैं। इससे दाना कमजोर रह जाता है।
- खेत की लगातार निगरानी करें। अगर पौधों पर चिपचिपा पदार्थ दिखे तो समझें चेपा का हमला हुआ है।
- शुरुआत में नीम के तेल का छिड़काव करना फायदेमंद रहता है।
- कीट का हमला ज्यादा होने पर कृषि विभाग की सलाह से सही दवा का छिड़काव करें।
- दवा का छिड़काव हमेशा साफ धूप वाले दिन ही करें।
दीमक पर लगाम कैसे लगाएं? 🐜
मिट्टी में नमी की कमी होने पर दीमक का प्रकोप बढ़ जाता है। यह पौधों की जड़ों को काटकर सुखा देती है।
- खेत में हल्की सिंचाई करें। नमी रहने से दीमक का असर कम हो जाता है।
- खेत के आसपास सूखी लकड़ियां या कचरा जमा न होने दें।
- कच्ची गोबर की खाद का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे दीमक जल्दी आती है।
चूहों से फसल की सुरक्षा 🐭
फरवरी और मार्च में चूहे गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। वे पौधों को नीचे से काट देते हैं।
- खेत की मेड़ों को साफ रखें ताकि चूहे वहां बिल न बना सकें।
- चूहों के बिलों को पहचान कर उन्हें बंद करें।
- चूहे भगाने के लिए दवा वाली गोलियों या घरेलू नुस्खों का उपयोग करें।
- पूरे गांव के किसान अगर एक साथ अभियान चलाएं तो चूहों पर काबू पाना आसान होता है।
सिंचाई का सही तरीका 💧
इस मौसम में गेहूं को पानी की जरूरत होती है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है।
- खेत में हल्की सिंचाई करें। ज्यादा पानी भरने से फसल गिर सकती है।
- जब तेज हवा चल रही हो, तब सिंचाई न करें।
- शाम के समय पानी देना पौधों के लिए सबसे अच्छा होता है।
किसान भाई इन बातों का ध्यान रखकर अपनी मेहनत की फसल को बचा सकते हैं। समय पर किया गया बचाव ही अच्छी पैदावार की गारंटी है। किसी भी समस्या के लिए अपने नजदीकी कृषि केंद्र से संपर्क जरूर करें।
Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞
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