मध्य प्रदेश का पहला पेपरलेस बजट: 18 फरवरी को टैबलेट से खुलेगा खजाना 📱✨
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार 18 फरवरी 2026 को अपना ऐतिहासिक बजट पेश करने जा रही है। यह राज्य के इतिहास का पहला पूरी तरह डिजिटल बजट होगा। इस बार वित्त मंत्री के हाथ में पारंपरिक सूटकेस नहीं बल्कि एक आधुनिक टैबलेट दिखाई देगा। सरकार ने इस बजट को जनता की उम्मीदों और विकास की नई सोच के साथ तैयार किया है।
📉 बजट का आकार और वित्तीय रणनीति
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट का कुल अनुमानित आकार 4.63 लाख करोड़ से 4.80 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ नई और साहसी रणनीतियां अपनाई हैं:
- रोलिंग बजट (Rolling Budget): अब सरकार केवल एक साल का हिसाब नहीं रखेगी। इसमें अगले तीन साल यानी 2028-29 तक के विकास लक्ष्यों को शामिल किया गया है।
- ऑफ-बजट फाइनेंसिंग: बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार बजट से बाहर के वित्तीय स्रोतों का उपयोग करेगी। इससे मुख्य बजट पर दबाव कम होगा और विकास कार्य नहीं रुकेंगे।
🌾 कृषि कल्याण वर्ष 2026 पर विशेष ध्यान
सरकार ने इस साल को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। किसानों के लिए बजट में कई बड़े प्रावधान किए जा सकते हैं:
- सिंचाई प्रोजेक्ट: नई नहरों और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के लिए भारी निवेश की उम्मीद है। 💧
- आधुनिक खेती: जैविक खेती और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी मिल सकती है। 🚜
- बीज और खाद: उन्नत किस्म के बीजों और खाद की उपलब्धता के लिए विशेष फंड का इंतजाम होगा। 🌱
🎡 सिंहस्थ 2028 और बुनियादी ढांचा
साल 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ मेले के लिए सरकार अभी से तैयारी शुरू कर चुकी है। बजट में उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए बड़ा हिस्सा आवंटित किया जाएगा। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, नए घाटों का निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं। 🕉️
💰 राजस्व की चुनौतियां और घाटा
बजट में कुछ वित्तीय चुनौतियां भी सामने आई हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के कारण केंद्रीय करों में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 0.50% कम हो गई है।
| विवरण | प्रभाव |
|---|---|
| केंद्रीय करों में कटौती | 0.5% की कमी |
| राज्य को संभावित नुकसान | लगभग 8,000 करोड़ रुपये |
इस घाटे को कम करने के लिए सरकार अपने राजस्व स्रोतों को बढ़ाने और खर्चों में कटौती करने पर जोर दे रही है।
👩 समाज कल्याण और अन्य क्षेत्र
बजट में लाड़ली बहना योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार और छोटे उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी नए निवेश की घोषणा संभव है। 🏥📚
यह बजट मध्य प्रदेश को एक आत्मनिर्भर और डिजिटल प्रदेश बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। सभी की नजरें 18 फरवरी को आने वाले इन फैसलों पर टिकी हैं।
✍️ About the Author: Dhiraj Bhisekar
🛡️ Editorial Review Process: This article has been reviewed by the Advance Farming Technics editorial team for accuracy. Prices and government policies are subject to change. Always consult local agricultural officers for final confirmation.






