जैविक और प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

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जैविक और प्राकृतिक खेती पर मंथन: वैज्ञानिकों और किसानों ने दिया टिकाऊ खेती पर जोर

किसान भाइयों, देश में रसायनों से मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF) ने 24-25 मार्च 2026 को एक विशेष राष्ट्रीय संगोष्ठी और प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए खेती को सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है। 🌱🇮🇳

पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का मेल

संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि हमें अपने पूर्वजों के पुराने ज्ञान को आज के नए विज्ञान के साथ जोड़ना होगा। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक खेती केवल पुरानी पद्धति नहीं है, बल्कि यह मिट्टी की सेहत सुधारने का सबसे वैज्ञानिक तरीका है। कार्यक्रम के दौरान कुछ मुख्य विषयों पर चर्चा हुई:

  • मिट्टी की सेहत: रसायनों के बिना मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखने के तरीके। 🧪🌾
  • जैव-कीट प्रबंधन: प्रकृति में मौजूद मित्र कीटों की मदद से फसलों को बीमारियों से बचाना।
  • सस्ती खेती: बाहर से खाद और दवाएं खरीदने के बजाय घर पर ही ‘बायो-इनपुट’ तैयार करना ताकि खेती की लागत कम हो सके।

बाजार और कमाई के नए अवसर

किसान भाइयों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि जैविक उत्पाद को बेचें कहाँ? इस संगोष्ठी में ‘मार्केट लिंकेज’ और ‘वैल्यू चेन’ पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। बताया गया कि कैसे किसान समूह (FPOs) बनाकर अपने उत्पाद की अच्छी पैकिंग और ब्रांडिंग कर सकते हैं। जैविक उत्पादों की मांग शहरों और विदेशों में बहुत ज्यादा है, जिससे किसान आम फसल के मुकाबले कहीं अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। 💰✨

प्रमाणीकरण (Certification) की जानकारी

जैविक उत्पाद की शुद्धता साबित करने के लिए ‘पी.जी.एस-इंडिया’ (PGS-India) प्रमाणीकरण प्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया। यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें किसान समूह मिलकर एक-दूसरे की शुद्धता की गारंटी देते हैं। यह तरीका छोटे किसानों के लिए बहुत आसान और सस्ता है। प्रदर्शनी में कई स्टार्ट-अप्स और एफपीओ ने अपने जैविक उत्पादों का प्रदर्शन भी किया। 📋✅

निष्कर्ष

जैविक और प्राकृतिक खेती अब समय की मांग है। यह न केवल हमारे पर्यावरण को बचाती है, बल्कि उपभोक्ताओं को जहरीले भोजन से भी सुरक्षा देती है। NCONF का यह प्रयास किसानों को नई दिशा दिखाने वाला है। अगर हम वैज्ञानिक तरीकों से प्राकृतिक खेती अपनाते हैं, तो भविष्य में खेती एक सम्मानजनक और मुनाफे वाला व्यवसाय बनेगी। आइए, रसायनों को छोड़ें और कुदरती खेती की ओर बढ़ें। 🌱🤝


Writer: – Advance Farming Techniques 🌱🐛🐞

Website: advancefarmingtechnics.com

Contact: advancefarmingtechnics@gmail.com


✍️ About the Author: Dhiraj Bhisekar


🛡️ Editorial Review Process: This article has been reviewed by the Advance Farming Technics editorial team for accuracy. Prices and government policies are subject to change. Always consult local agricultural officers for final confirmation.

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